सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में कर्नाटक ने तमिलनाडु को 1 रन से हराया

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Syed Mushtaq Ali Trophy, Final, Karnataka vs Tamilnadu, Highlights:  सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मैच रविवार को सूरत के लालभाई कांट्रेक्ट स्टेडियम में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच खेला गया। कर्नाटक ने बेहद ही रोमांचक मुकाबले में तमिलनाडु को 1 रन से हराकर लगातार दूसरी बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया।
कर्नाटक ने कप्तान मनीष पांडे के नाबाद 60 रन की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 180 रन बनाए। जवाब में तमिलनाडु की टीम 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 179 रन ही बना सकी। मनीष पांडे ने टीम की ओर से सर्वाधिक 44 रन बनाए। वहीं, बाबा अपराजित ने 40 रन का योगदान दिया। कर्नाटक के लिए रोनित मोर ने सबसे अधिक तीन विकेट चटकाए।



इससे पहले तमिलनाडु के कप्तान दिनेश कार्तिक ने टॉस जीतकर पहले कर्नाटक को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। कर्नाटक की सधी हुई शुरुआत कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और देवदत्त पाड्डिकल ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 4.2 ओवर में  39 रन जोड़े।


आर अश्विन की शानदार गेंदबाजी कर्नाटक की खतरनाक हो रही जोड़ी को रविचंद्र अश्विन ने तोड़ा। अश्विन ने …

IPL 2019: फिटनेस के मामले में ऐसे अलग है धौनी की CSK और विराट की RCB





महेंद्र सिंह धौनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में फिटनेस टेस्ट नहीं देगी। इस सीजन के पहले मैच तक के लिए टीम से जुड़े पूर्व भारतीय ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन ने खिलाड़ियों की फिटनेस मापने के लिए दो किमी. या 2.4 किमी दौड़ और स्प्रिंट वाले स्मार्ट टेस्ट को फिटनेस मापने के पैमाने के रूप में चुना है।


रामजी ने शुक्रवार को बताया कि कैसे उन्होंने यो-यो टेस्ट जैसे सामान्य टेस्ट पैरामीटर के बजाय खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टेस्ट और डिजाइन टेस्ट को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, केवल इसलिए कि राष्ट्रीय टीम यो-यो टेस्ट करती है, इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे भी इस प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत है। मेरा मानना है कि खिलाड़ियों की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए चुनौतियों को तैयार करने की जरूरत है।
रामजी ने कहा-उदाहरण के लिए, जब मैं भारतीय टीम के साथ था, तब मैंने धौनी के लिए जो टेस्ट तैयार किया था, वह सचिन के लिए नहीं था। ठीक वैसे ही अगर विराट कोहली डेडलिफ्ट करना चाहते हैं और उनका शरीर उनका साथ देता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि धौनी को भी वैसा ही करना होगा। यो-यो टेस्ट फुटबॉल जैसे खेलों के लिए अधिक अनुकूल है।




धौनी के बारे में उन्होंने कहा, माही पूरी तरह अलग हैं। वह चीजों को आसान रखना पसंद करते हैं। वह क्लीन-एंड-जर्क और अन्य तरह की पावर लिफ्टिंग नहीं करते हैं। वह स्मार्ट ट्रेनर हैं और इस तरह से अभ्यास करते हैं जो आसान होता है और उनकी स्किल्स को बढ़ाने में मदद करता है।
रामजी को लगता है कि भारत में एक भेड़ चाल है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति कुछ करता है और वह इसमें सफलता हासिल करता है तो दूसरे लोग भी उसका अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा, केवल इसलिए कि उसेन बोल्ट फिट रहने के लिए दौड़ते हंै तो इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए। भारत में भेड़ चाल की इस मानसिकता को खत्म करना होगा। बेशक एक निश्चित फिटनेस प्रणाली का पालन करने से कोहली को जो परिणाम मिला है, वह निर्विवाद है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई अन्य खिलाड़ी भी उसी प्रणाली का पालन करके उसी तरह का नतीजा हासिल कर लेगा।

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