राहुल द्रविड़ पर आज होगा बड़ा फैसला, जानें क्या है पूरा मामला?

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कर्मचारी मयंक पारिख अपने खिलाफ लगाए गए 'हितों के टकराव' के आरोपों का जवाब देने के लिए गुरुवार को बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी डीके जैन के समक्ष पेश होंगे। द्रविड़ अभी बंगलूरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में निदेशक के  पद संभाल रहे हैं। 

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड अपने खिलाफ लगाए गए 'हितों के टकराव' के आरोपों का जवाब देने के लिए गुरुवार को बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी डीके जैन के समक्ष पेश होंगे।

इसके अतिरिक्त द्रविड़ इंडिया सीमेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष भी  हैं जिसके पास आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स का स्वामित्व है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में पद संभालने से पूर्व वे भारत ए और अंडर-19 टीमों के कोच थे। एनसीए निदेशक रहते हुए वह इन दोनों टीमों की प्रगति पर भी निगरानी रखेंगे। 
मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने आरोप लगाया है कि द्रविड़ की भूमिका हितों के टकराव के दायरे में आती है क्योंकि वह एनसीए प्रमुख और इंडिया सीमेंट के कर्मचारी भी हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ अपने खिलाफ लगाए गए 'हितों के टकराव' के आरोपों का जवाब देने के लिए गुरुवार को बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी डीके जैन के समक्ष पेश होंगे।

इसके जवाब में प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा था कि द्रविड़ ने उस पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन सीओए के अन्य सदस्य ने कहा था कि द्रविड़ ने कंपनी से छुट्टी ली है। ये देखना दिलचस्प होगा कि जैन इस मुद्दे को किस तरह से लेते हैं और बीसीसीआई किस तरह से इस मुद्दे का बचाव करती है। वहीं पारिख कई ऐसे क्लबों से जुड़े हैं जिनके पास मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) में वोट करने का अधिकार है, साथ ही वो बीसीसीआई के कर्मचारी भी हैं।बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति  एक से अधिक पद नहीं संभाल सकता है।




यही स्थिति दिवगांत एम.वी. श्रीधर के साथ थी जिन्हें महा प्रबंधक (क्रिकेट संचालन) के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जैन लोढ़ा समिति कि सिफारिशों और सवोर्च्च अदालत के फैसलों को लागू करने को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने हाल ही में पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को भी अलग-अलग पदों पर बने रहने से रोक दिया था। जैन ने हालांकि गांगुली को संदेह का लाभ दिया था लेकिन साथ ही कहा था कि उन्हें एक बार में से ज्यादा पद पर नहीं बने रहना चाहिए।
Powered by Blogger.