कपिल देव की अगुवाई वाली CAC को नोटिस, मुख्य कोच शास्त्री की हो सकती है छुट्टी?

टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री को चुनने वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) को नोटिस भेजा गया है। अगर इस मामले की जांच होती है और आरोप सही पाए जाते हैं तो कोच पद के चयन की प्रक्रिया दोबारा हो सकती है। 
टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री को चुनने वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) को नोटिस भेजा गया है।
  file photo:  रवि शास्त्री
वहीं, दूसरी तरफ पूर्व भारतीय कप्तान शांता रंगास्वामी ने बीसीसीआई के आचरण अधिकारी डीके जैन द्वारा हितों के टकराव का नोटिस भेजे जाने के बाद क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) सदस्य और भारतीय क्रिकेटर संघ (आईसीए) के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। 
बीसीसीआई के आचरण अधिकारी डीके जैन ने शनिवार को सीएसी को नोटिस भेजकर मौजूदा भारतीय कोच चुनने वाले पूर्व क्रिकेटरों से उनके खिलाफ लगे हितों के टकराव के आरोपों का जवाब 10 अक्टूबर तक देने को कहा था। सीएसी में 1983 के वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान कपिल देव, शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में भारत के मुख्य कोच पद के लिए रवि शास्त्री का चयन किया था। बता दें कि मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने इन तीनों के खिलाफ शिकायत दायर की थी, जिन्होंने अगस्त में मुख्य कोच के पद पर रवि शास्त्री को चुना था। 
बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय में एक से ज्यादा पद पर काबिज नहीं रह सकता। शिकायत में गुप्ता ने दावा किया था कि सीएसी के सदस्य कई क्रिकेटिया भूमिकाएं निभा रहे हैं। 
रंगास्वामी ने पीटीआई से कहा, ''मेरी कुछ अन्य योजनाएं हैं इसलिए मैंने आगे बढ़ने का फैसला किया। सीएससी की वैसे भी एक साल में या दो साल में एक बार ही बैठक होती है इसलिये मुझे टकराव की बात समझ नहीं आती।''
उन्होंने कहा, ''सीएसी समिति में होना सम्मान की बात थी। मौजूदा परिस्थितियों में (हितों के टकराव को देखकर) मुझे लगता है कि किसी भी प्रशासनिक भूमिका के लिS उपयुक्त पूर्व क्रिकेटर को ढूंढना कठिन होगा। आईसीए से तो मैं चुनाव होने से पहले ही इस्तीफा दे देती। इसलिए यह समय की बात थी।'' रंगास्वामी ने अपना इस्तीफा रविवार को सुबह प्रशासकों की समिति (सीओए) और बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को ईमेल के जरिये भेजा।
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