IND vs WI 3rd ODÏ Highlights : विंडिज ने भारत को 43 रनों से हराकर, सीरीज को 1-1 से बराबरी की


वेस्टइंडीज ने शनिवार को भारत को तीसरे वनडे में 43 रनों से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। भारत वेस्टइंडीज के 283 रनों के जवाब में 47.4 ओवर 240 रनों में ढेर हो गई। इस मैच में भी एक बार फिर विराट कोहली का बल्ला चला और उन्होंने शानदार शतक लगाया। यह विराट कोहली का सीरीज में लगातार तीसरा शतक है और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए।
वेस्टइंडीज के एश्ले नर्स ने बेहतरीन ऑलराउंडर खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 22 गेंदों में 40 रनों की  विस्फोटक पारी खेली और विंडीज को 283 रनों के चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्स ने गेंदबाजी में भी शानदार खेल दिखाया और 4.30 की इकोनॉमी से  भारत के दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उन्होंने ऐसे समय में दो भारत बल्लेबाजों को आउट किया जब वे जम चुके थे। नर्स ने सबसे पहले शिखर धवन को आउट कर कोहली और धवन की जोड़ी को तोड़ा। इन दोनों भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी देकर भारत को रोहित शर्मा के रूप में पहला विकेट 9 रन के स्कोर पर  गिर जाने के बाद भारतीय पारी को संभाला था। नर्स ने धवन को 35 के के निजी स्कोर पर पगबाधा आउट किया । उन्होंने अपना दूसरा शिकार विस्फोटक बल्लेबाज ऋषभ पंत को बनाया जो 17 गेंदों में 24 रन बनाकर खेल रहे थे।
भारत के कप्तान  विराट कोहली ने  पुणे के खूबसूरत मैदान में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस मैच में भारत ने अंतिम एकादश में तीन बदलाव किए । पहले दो मैचों के लिए आराम दिए गए गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को मोहम्मद शामी और उमेश यादव की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया जबकि ऑल राउंडर रविंद्र जडेजा की जगह खलील अहमद को अंतिम एकादश में चुना गया।
बुमराह
जसप्रीत बुमराह
जसप्रीत बुमराह को वर्तमान में भारत का सबसे बेहतरीन गेंदबाज क्यों माना जाता है, उन्होंने इस मैच में साबित किया। उन्होंने लाजवाब गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 3.50 की इकोनामी से चार विकेट चटकाए। बुमराह ने वेस्टइंडीज के दोनों सलामी बल्लेबाज कायरन पावेल और चंद्रपॉल हेमराज को जल्दी आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। कायरन पॉवेल और चंद्रपॉल हेमराज दोनों बल्लेबाजों को बुमराह ने शार्ट गेंदों में आउट किया। बुमराह ने बेहतरीन फॉर्म में चल शाई होप को 95 के व्यक्तिगत स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर विंडीज के स्कोर  को 300 के पार जाने से रोका फिर उन्होंने एश्ले नर्स जो 21 गेंदों में 40 रन बनाकर खेल रहे थे, अपना चौथा शिकार बनाया।
वेस्टइंडीज को 283 रनों के सम्मानजनक स्कोर के खड़ा करने में शाई होप का बहुत बड़ा हाथ रहा। पिछले मैच में शानदार शतक लगाने वाले शाई होप ने इस मैच में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 95 रनों की बेहतरीन पारी। 13.1 ओवर में 55 रनों पर तीन विकेट  खो जाने के बाद होप ने हेटमायर के साथ मिलकर विंडीज के पारी को आगे बढ़ाया।  पिछले दो मैचों में 106 और 94 रनों की पारी खेलने वाले हेटमायर ने इस मैच में आते ही  छक्के लगाना शुरू कर दिया। हेटमायर ने  यजुवेंद्र चहल की गेंद पर दो और कुलदीप यादव को एक छक्का लगाया। सीरीज में पहली बार हेटमायर बड़ी पारी खेल नहीं पाए और 37 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में  विकेट के पीछे धोनी द्वारा बेहतरीन स्टंप आउट किए गए। होप और हेटमायर ने चौथे विकेट के लिए मात्र 38 गेंदों में 56 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।
हेटमायर के बाद बल्लेबाजी करने आए रोवमन पावेल को एक बार फिर कुलदीप यादव ने पवेलियन का रास्ता दिखाया । पावेल कुलदीप के गूगली को समझ नहीं पाए और और स्लिप में खड़े रोहित शर्मा को कैच थमा बैठे। लगातार दो मैचों में पावेल इसी तरह कुलदीप यादव के गेंद पर आउट हुए।
121 रनों पर 5 विकेट खोकर वेस्टइंडीज टीम मुश्किल स्थिति में दिख रही थी, ऐसे समय में कप्तान जेसन  होल्डर के साथ मिलकर होप ने छठे विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी दी। होप ने इसी बीच अपना सातवां वनडे अर्धशतक लगाया। होल्डर 32 रन बनाकर बनाकर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर सबस्ट्यूट फिल्डर रविंद्र जडेजा के हाथों लपके गए। शाई होप दुर्भाग्यशाली रहे और  अपना तीसरा शतक लगाने से चूक गए और 95 रन बनाकर  जसप्रीत बुमराह की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए ।अंतिम ओवरों में एश्ले नर्स के 22 गेंदों में 40 रनों की आतिशी पारी की बदौलत विंडीज ने 50 ओवरों में 283 रन बनाए।
दो मैचों के बाद वापसी कर रहे भुवनेश्वर कुमार इस मैच में काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने 10 ओवरों में 70 रन लुटाए और मात्र 1 विकेट लिए  लेकिन भुवनेश्वर की तरह वापसी कर रहे जसप्रीत बुमराह ने  कमाल की गेंदबाजी किया  और 10 ओवरों में 35 रन देकर 4 महत्वपूर्ण और बड़ी विकेट चटकाए। कुलदीप यादव को दो जबकि चहल को एक विकेट मिला। युवा गेंदबाज खलील अहमद भी महंगे साबित हुए और 10 ओवरों में 65 रन दिए और उन्हें भी एक सफलता मिली।
284 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की शुरुआत खराब रही  और भाaaaरत ने पहला विकेट रोहित शर्मा के रूप में दूसरे ओवर में ही खो दिया । जेसन होल्डर ने रोहित शर्मा (8) का दूसरे ओवर की अंतिम गेंद में मिडिल स्टंप उखाड़ दिया। पहले मैच में शतक लगाने के बाद लगातार दो मैचों में रोहित शर्मा रन बनाने विफल रहे। रोहित के जल्दी आउट होने के बाद कोहली और धवन ने भारतीय पारी को आगे बढ़ाया और दूसरे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी दी। शिखर धवन एक बार फिर अच्छी शुरुआत के बाद अपनी पारी को बड़ी पारी में बदल नहीं पाए और 35 रन बनाकर नर्स की गेंद पर पगबाधा आउट हुए।
शिखर धवन के आउट होने के बाद रायडू और कोहली ने स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया लेकिन रायडू भी अच्छी स्टार्ट मिलने के बाद अपना विकेट गंवा बैठे और 22 रन बनाकर मैक्कोय की गेंद पर आउट। पंत (22) और धोनी (7) भी ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके और जल्दी आउट हो गए लेकिन कोहली एक छोर से डटे रहे  और अपना 38 वां शतक पूरा किया। कोहली का सीरीज में यह लगातार तीसरा शतक है और ऐसा करने वाले वे भारत के पहले खिलाड़ी बने , ओवरऑल  दुनिया के दसवें खिलाड़ी। विराट कोहली का साथ किसी भी बल्लेबाज ने नहीं दिया और अंत में कोहली 107 रन बनाकर पार्ट टाइम टाइम स्पिनर मर्लोन सैमुअल्स की गेंद पर  पर बड़े शॉट खेलने के चक्कर में बोल्ड आउट हुए। सैमुअल्स ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए उसके बाद खलील अहमद और आखिर में जसप्रीत बुमराह को आउट को आउट कर अपनी टीम को 43 रनों से जीत दिलवाई। उन्होंने 3.4 ओवर में 12 रन देकर तीन विकेट लिए जो वनडे क्रिकेट में उनका सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन है। वेस्टइंडीज की ओर से जेसन होल्डर , एश्ले नर्स और ओबेड मैक्कोय ने दो-दो विकेट लिए विकेट।
भारत के हार का मुख्य कारण था - एक अतिरिक्त बल्लेबाज की कमी। इस मैच में ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की जगह भारत ने एक अतिरिक्त गेंदबाज खलील अहमद को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। इस कारण भुवनेश्वर कुमार को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आना पड़ा। भारत 40 ओवरों में 215 रनों पर 6 विकेट खो दिया, उस समय विराट कोहली शतक बनाकर खेल रहे थे। ऐसे समय में भारत को रविंद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर या  एक नियमित बल्लेबाज की जरूरत  थी जो विराट कोहली का साथ दे सके। भुवनेश्वर कुमार जो मुख्य रूप से एक गेंदबाज है , नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने के लिए आए और गलत शॉट खेलकर आउट हुए। अब भारतीय पारी का पूरा भार कोहली के कंधों पर आ गया और वे भी  बड़े शॉट लगाने के प्रयत्न में अपना विकेट गंवा बैठे।
वेस्टइंडीज के जीत में तीन  खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। पहला, शाई होप जिन्होंने लगातार दूसरे मैच में शानदार बल्लेबाजी किया। दूसरे वनडे मैच में नाबाद शतक ठोककर और अंतिम गेंद को चौका जड़कर टाई कराने वाले होप ने इस मैच में भी 95 रनों की लाजवाब पारी खेली और वेस्टइंडीज को 283 रनों के चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सबसे बड़ी भूमिका रही। दूसरा, एश्ले नर्स जिन्होंने बैट और बॉल दोनों से कमाल किया। उन्होंने बल्ले से 22 गेंदों में तेजतर्रार 40 रन ठोके जबकि 10 ओवरों में मात्र 43 रन देकर दो बड़ी विकेट अपने नाम किया। नर्स ने शिखर धवन और ऋषभ पंत जैसे दो सेट बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। तीसरा, मार्लोन सैमुअल्स जिन्होंने विराट कोहली का ऐसे समय में आउट किया जब कोहली शतक बनाकर खेल रहे थे। कोहली के आउट होते ही भारत की हार निश्चित हो गई । सैमुअल्स ने कोहली के अलावा खलील अहमद और जसप्रीत बुमराह का भी विकेट लिया।
मैच समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के कप्तानों और खिलाड़ियों ने क्या कहा, जानते हैं –
विराट कोहली (कप्तान, भारत): हम लोगों ने अच्छी गेंदबाजी की। मेरे ख्याल से शुरुआत के 35 ओवर में  विकेट से ज्यादा मदद नहीं मिली। बाद में विकेट उससे  भी खराब हो गई और गेंदबाजी करना मुश्किल हो गया। 227 रनों में 8 विकेट खोने के बाद अधिक से अधिक 250 - 260 रन ही बना सकते हैं। अंतिम 10 ओवरों में हमने काफी रन दिए जिसके कारण विंडीज टीम अच्छा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। जब आप रन को चेज कर रहे होते तो आपको एक अच्छी साझेदारी की जरूरत होती है, जो हमें नहीं मिला। मैदान में हमलोग बेहतरीन थे। हमलोग अपने प्लान को  ठीक तरह से निष्पादित नहीं कर पाए। यह एक बेहतरीन विंडीज टीम है और आज के समय में यह किसी भी  टीम को मात दे सकती है। वे अच्छा खेले और जीत के  हकदार थे। देखिए, जब हार्दिक और केदार दोनों खेलते हैं तो हमारे पास अतिरिक्त विकल्प रहता  है। जब हार्दिक खेलते हैं तो हमारे पास गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों का अतिरिक्त विकल्प होता है। केदार अगले मैच में वापस आ रहे हैं, इससे हमारी बल्लेबाजी मजबूत होगी और टीम को संतुलित करने में मदद मिलेगी। जब आपका टीम बैलेंस में नहीं होता है तो एक साइड कमजोर हो जाता है। हम सभी को एक पूर्ण संतुलित टीम की जरूरत होती है, यह जरूरी भी भी है। मैं अपने बल्लेबाजी के बारे में बात करना पसंद नहीं करूंगा। जब लोग आपको  बार-बार वही प्रश्न पूछते हैं तो यह थोड़ा शर्मनाक होता है। निश्चित रूप से, हम जीत सकते  थे लेकिन हमें हार का मुंह देखना पड़ा, आज का दिन हमारे लिए बुरे सपने जैसा था। हमारे प्लान अपनी जगह थी और हम अच्छी तरह से इसे कर नहीं पाए।
जेसन होल्डर (कप्तान, वेस्टइंडीज) : जीत का श्रेय मैं अपने खिलाड़ियों को देना चाहता हूं। हमने 280 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। मेरे लिए यह बहुत जरूरी था कि क्रीज पर कुछ देर  डटे रहूँ, पर ऐसा नहीं हुआ। मुझे गहराई से बल्लेबाजी करनी चाहिए थी। यहां मुझे कुछ सीखना है। मैंने खेल को वहां लटका दिया। शायद उनके टीम में एक बल्लेबाज कम थे। हमलोग जानते थे अगर धोनी को आउट कर देते है तो हम उनके निचले क्रम के बल्लेबाजों पर दबाव डाल सकते हैं। नर्स एक बहुत अच्छा प्रतिद्वंदी है। मैं जानता हूं, उससे क्या उम्मीदें करनी है। वह किफायती गेंदबाजी करने के साथ नियमित अंतराल पर विकेट भी लेकर देता है। हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन के साथ हमें कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। अगर आप दुनिया की बेस्ट टीम को हराना चाहते हैं तो आपको खेल के तीनों क्षेत्रों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा।
मार्लोन सैमुअल्स (खिलाड़ी, वेस्टइंडीज) : मैं नेट पर अधिक गेंदबाजी नहीं करता हूं क्योंकि मैं अभी घुटने की इंजरी से बाहर आया हूं। हमलोग मैच में  एक यूनिटी के रूप में खेलते हैं और खेल में अपना शत-प्रतिशत देते हैं। जब मैं ड्रेसिंग रूम से शाई होप को बल्लेबाजी करते देखता हूं तो मुझे बहुत ही आश्चर्य होता है कि वे भारतीय पीचों पर इतनी अच्छी बल्लेबाजी कैसे कर लेता है। वह निश्चित रूप से, भविष्य का एक बेहतरीन खिलाड़ी है। हेटमायर बिना  डरे बहादुरी के साथ बल्लेबाजी करता है। वह लगातार अच्छा खेल रहा है। अब मुकाबला काफी रोमांचक हो गया है क्योंकि दोनों टीमें एक-एक की बराबरी पर है, हम 2 - 0 से  पीछड़ना नहीं चाहते थे।  हम अगले मैच को काफी गंभीरता से लेंगे। हमें जितना जल्दी हो सके, खेल के तीनों विभागों ( बॉलिंग, बैटिंग और फील्डिंग) में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करना होगा। अगले मैच में हमारी नजरें जीत पर रहेगी।
एश्ले नर्स (मैन ऑफ द मैच, वेस्टइंडीज) : मुझे लगता है कि आज मेरा दिन था। मैंने आज का मैच बिना किसी तनाव के खेला। जब शाई आउट हुए तो मुझे कुछ करने की जरूरत थी क्योंकि उस समय स्कोरबोर्ड पर ज्यादा रन नहीं था। कभी-कभी ऐसा होता है कि आप हीरो बन जाते हैं और कभी जीरो। अगर मैच जीतने के लिए आपको को बराबर मौका मिलता है तो मैं खुद इसे कर सकता हूं। मैं अपने भारतीय दोस्त सनी सोहल से इस जीत को सेलिब्रेट करूंगा जिसे मैं CPL में मिला था। उसने मुझे बताया कि जब आप विकेट लेते हैं तो 'बाबाजी का ठुल्लू' या ऐसा ही कुछ करते हैं।
शाई होप (खिलाड़ी, वेस्टइंडीज) : मुझे खुशी है कि मैं लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं। हमने नाजुक स्थिति में कुछ विकेट गंवाए इसलिए मैंने संयम के साथ बल्लेबाजी की। मेरा लक्ष्य था जितना संभव हो सके उतनी गहराई के साथ बल्लेबाजी करूं। मेरी तैयारी में कुछ खास अंतर नहीं है। मैंने टेस्ट सीरीज के बाद बल्लेबाजी में कुछ परिवर्तन नहीं किया है।

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