IND vs WI 4th ODI Highlights : रोहित शर्मा के 162 रनों के सामने छोटी पड़ी पूरी विंडीज टीम, 153 रन पर हुई ढेर

भारत ने चौथे वनडे मैच में रोहित शर्मा और अंबाती रायडू के दमदार शतक  के बल पर सोमवार को वेस्टइंडीज को 224 रनों के विशाल अंतर से हराकर सीरीज में 2 - 1 की बढ़त बना ली। रोहित शर्मा के 137 गेंदों में 162 और  रायडू के 81 गेंदों में 100 रनों की पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवरों में 377 रनों का विशाल  स्कोर खड़ा किया। जवाब में ,कुलदीप यादव और खलील अहमद के तीन - तीन विकेट और भारतीय खिलाड़ी के बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के आगे विंडीज टीम टिक नहीं सकी और पूरी टीम 36.2 ओवर में 153 रन बनाकर सिमट गई।
इससे पहले भारत के कप्तान विराट कोहली ने मुंबई के ब्रेबोर्न क्रिकेट स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिछले तीन मैचों में नाकाम रही रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने इस मैच में भारत को शानदार शुरुआत दिया। इन दोनों भारतीय जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 11.5 ओवर में 71 रनों की साझेदारी दिया। शिखर धवन एक बार फिर अच्छी शुरुआत करने के बाद अपनी पारी को बड़ी पारी में बदल नहीं पाए और 38 रन बनाकर कीमो पौल की गेंद  पर पावेल को कैच थमा बैठे। धवन ने पिछले तीन मैचों में 29, 35 और 38 रन बनाए।
रोहित शर्मा और अंबाती रायडू ने विंडीज के खिलाफ चौथे वनडे में शानदार शतक ठोके
 रोहित शर्मा और अंबाती रायडू छक्के मारते हुए
शिखर धवन के आउट होने के बाद सभी की नजरें विराट कोहली पर थी और सब के मन में एक ही सवाल था- क्या कोहली लगातार चार शतक  लगाकर कुमार सांगाकारा के रिकॉर्ड की बराबरी कर पाएंगे ? पर, ऐसा नहीं हुआ और कोहली 16 रन बनाकर रोच की  गेंद पर आउट हो गए। विराट कोहली का विकेट लेने के लिए पहली बार वेस्टइंडीज टीम  सीरीज में गंभीर और अनुशासन देखी। वेस्टइंडीज टीम पूरी प्लान के साथ मैदान में उतरी  और कोहली के क्रीज में आने के बाद कप्तान होल्डर ने 6 खिलाड़ियों को ऑफ साइड में लगा दिया और सभी गेंदबाजों को ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी के लिए कहा गया। सभी गेंदबाजों ने ऐसा ही किया और कोहली को खुलकर खेलने दिया। सीरीज में पहली बार कोहली दवाब में दिखे और केमार रोज की बाहर जाती गेंद को डिफेंस करने की कोशिश में बल्ले का किनारा लगती हुई  गेंद विकेटकीपर के दस्ताने में जा पहुंची और कोहली की पारी का अंत हो गया। कोहली के आउट होने के बाद स्टेडियम में बैठे सभी भारतीय दर्शक काफी निराश हो गए।  वे इस उम्मीद के साथ मैदान में आए थे कि कोहली आज  लगातार चार शतक ठोकेंगे।
भारत ने कोहली का विकेट 17वें में खोया  उसके बाद लोकल ब्वॉय रोहित शर्मा ने अंबाती रायडू के साथ मिलकर भारतीय पारी को आगे बढ़ाएं। इन दोनों बल्लेबाजों ने विंडीज के गेंदबाजों की खूब धुनाई की और अपना - अपना शतक पूरा किया। रोहित शर्मा ने अपना 21वां शतक 33वें ओवर में ठोका और रोहित यहीं नहीं रुके और 150 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। अब सभी यही उम्मीदें करने लगे कि रोहित शर्मा आज चौथी बार दोहरा शतक लगाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वे 162 रन बनाकर नर्स की गेंद पर आउट हो गए। रोहित और रायडू ने तीसरे विकेट के लिए 211 रनों की साझेदारी दी। रायडू ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 80 गेंद में अपना तीसरा शतक बना डाले। भारत ने 50 ओवरों में 5 विकेट खोकर 377 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। अंतिम 10 ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की काफी पिटाई हुई और उन्होंने 116 रन लुटाए। विंडीज के लिए रोच ने दो विकेट लिए जबकि एक- एक विकेट नर्स और पॉल को मिला।
378 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और नियमित अंतराल पर अपने विकेट खोते गए और पूरी टीम 36.2 ओवर में 153 रनों में ढेर हो गई। विंडीज का पहला विकेट 20 रन के स्कोर पर हेमराज के रूप में गिरा जिसे भुवनेश्वर कुमार ने चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर रायडू के हाथों कैच करवाया। सीरीज में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे शाई होप उसी ओवर की चौथी गेंद पर लॉन्ग ऑन में सिंगल देने के चक्कर में रन आउट हो गए। विराट कोहली ने अगले ओवर में में कायरन पॉवेल को डाइव लगाते हुए बेहतरीन रन आउट किया। वेस्टइंडीज ने तीन विकेट 20 रन के स्कोर पर ही खो दिया। शिमरोन हेटमायर और मार्लोन सैमुअल्स ने कुछ देर तक विकेट गिरने के सिलसिले को रोका लेकिन हेटमायर 13 रन बनाकर खलील अहमद की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए। खलील ने अगले ओवर में रोवमन पावेल को क्लीन बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। मार्लन सैमुअल्स भी ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके और खलील अहमद का तीसरा शिकार बने। सैमुअल्स ने 23 गेंदों में 18 रन बनाए।
युवा गेंदबाज खलील अहमद के वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटने के बाद अब बारी थी कुलदीप यादव की। कुलदीप ने वेस्टइंडीज के फेबियन एलेन, एश्ले नर्स और केमार रोच को अपनी फिरकी के जाल में फंसाया। वेस्टइंडीज की ओर से सिर्फ कप्तान जैसन होल्डर ही भारतीय गेंदबाजों को खेल पाए और अपनी टीम की ओर से एकमात्र अर्धशतक लगाए। होल्डर 70 गेंदों में एक चौका और दो छक्के  की मदद से नाबाद 54 रनो की पारी खेली। भारत की तरफ से खलील अहमद और कुलदीप यादव ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार और रविंद्र जडेजा को एक-एक विकेट मिला।
भारत ने इस मैच में खेल के तीनों विभागों अर्थात बैटिंग बॉलिंग और फील्डिंग में जबरदस्त खेल का मुहैया कराया। सबसे पहले भारत ने रोहित शर्मा और अंबाती रायडू के लाजवाब शतक की बदौलत 377 बनाएं फिर बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए विंडीज को 153 रनों पर  ऑल आउट कर दिया। फील्डिंग में तो  भारत ने कमाल का खेल दिखाए और शुरुआत में 2 विकेट रन  आउट किए। खासकर, विराट कोहली द्वारा कायरन पॉवेल का  रन आउट सबसे बेहतरीन रन आउट था।
पिछले तीन मैचों में भारत को कड़ी टक्कर देकर खेल जगत तहलका मचाने वाली विंडीज  टीम चौथे मैच में खेल के हर क्षेत्र में  फिसड्डी साबित हुई। इस मैच में वेस्टइंडीज के ना कोई बल्लेबाजों  ने कमाल दिखा पाया ना ही गेंदबाजों ने। भारत ने  खेल के हर क्षेत्र में विंडीज को पटखनी दी।
पहले मैच में शानदार शतक लगाने के बाद अगले दो मैचों में फ्लॉप रहे रोहित शर्मा ने चौथे मैच में 162 रनों की आतिशी पारी खेली। रोहित शर्मा ने शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी की और बाद में अपनी गति पकड़ी और वेस्टइंडीज के  सभी गेंदबाजों पर जमकर बरसे।0-50 रन बनाने के लिए रोहित शर्मा ने 61 गेंद खेली जबकि 51-100 रन उन्होंने  40 गेंदों पूरी कर लिया वहीं 101-150 रनों की दूरी रोहित ने 30 गेंदों में बना डाले ।
आईपीएल में अपने दमदार खेल के बदौलत टीम में वापसी करने वाले अंबाती रायडू नेे पहले एशिया कप में बेहतरीन बल्लेबाजी की और फिर बाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी लाजवाब बल्लेबाजी कर रहे हैं। रायडू ने विशाखापट्टनम वनडे में शानदार 73 रन बनाए और चौथे वनडे मैच में तो उन्होंने शतक ही ठोक डाले। निश्चित तौर पर, लगभग डेढ़ सालों से भारत को चौथे नंबर पर  बल्लेबाजी के लिए जिस खिलाड़ी की जरूरत थी, आखिरकार रायडू के रूप में  मिल गई।
युवा भारतीय गेंदबाज़ खलील अहमद की जितनी भी तारीफ करूं ,वह कम है। खलील के गेंदों में तेजी के साथ स्विंग भी है और पिछले दो मैचों में खराब गेंदबाजी के कारण आलोचना झेलने वाले खलील अहमद ने इस मैच में साबित कर दिया कि आखिर क्यों  उसे भारत का अगला गेंदबाजी स्टार माना जाता है। उन्होंने लगातार तीन ओवरों में  3 वेस्टइंडीज बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी घातक गेंदबाजी के कारण ही वेस्टइंडीज की आधी से ज्यादा टीम 56 रनों पर पवेलियन लौट गई।
भारत और वेस्टइंडीज खेले गए चौथे मैच के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े –
(1) भारत और वेस्टइंडीज के बीच यह 125वां वनडे मैच था जिसमें भारत ने 58 जीते जबकि 62 मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। दो मैच टाई रहा  और तीन मैचों में  कोई परिणाम नहीं निकला। यह 4063वां अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच था।
(2) भारत और वेस्टइंडीज के बीच घर में  यह 82वां मैच था  जिसमें भारत ने 42 जीते, 38 हारे ,एक टाई हुआ जबकि एक मैच बिना परिणाम के समाप्त हुआ।
(3) रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर का 21वां शतक लगाया और वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा।
(4) अंबाती रायडू का यह तीसरा वनडे शतक था।
(5) रोहित शर्मा ने सातवीं बार वनडे में 150 के आंकड़े को पार किया और ऐसा करने वाले वह दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैै। उसके बाद सचिन तेंदुलकर और डेविड वॉर्नर दोनों ने 5-5  बार ऐसा कारनामा किए हैं।
(6) रोहित शर्मा भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे  छक्के लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 194 छक्के मारने का रिकॉर्ड को तोड़ डाला। रोहित के छक्कों की संख्या 198 हो गए और अब  उनसे आगे सिर्फ महेंद्र सिंह जिन्होंने 217 छक्के लगाए हैं।
(7) भारत ने वेस्टइंडीज को 224 रनों से हराया और यह रनों के हिसाब से भारत की तीसरी सबसे बड़ी जीत है। वनडे में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भारत ने बरमूडा के खिलाफ 2007 के  वर्ल्ड कप में 257 रनों से हराकर बनाया था। भारत ने 2010 के एशिया कप में हांगकांग को 256 रनों से हराकर दूसरी सबसे  बड़ी जीत हासिल की थी।
(8) भारत के खिलाफ 224 रनों की  हार वेस्टइंडीज की दूसरी सबसे बड़ी हार है। दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 2015 के वर्ल्ड कप में 257 रनों के विशाल अंतर से हराया था।
(9) वेस्टइंडीज के खिलाफ 377 रनों का स्कोर भारत का  दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। भारत ने  वीरेंद्र सहवाग के दोहरे शतक की बदौलत 2011 में इंदौर में 418 रन बनाया था और  यह भारत का सर्वोच्च स्कोर भी है।
(10) रोहित शर्मा जिंबाब्वे के हैमिल्टन मसाकाद्जा   के बाद किसी एक सीरीज में दो बार 150 से अधिक रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने। मसाकाद्जा ने 2009 में केन्या के खिलाफ ऐसा कारनामा किया था।
(11) 2015 के बाद से नंबर 4 पर शतक लगाने वाले अंबाती रायडू तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने। रायडू से पहले मनीष पांडे और युवराज सिंह ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया था।
(12) रोहित शर्मा और अंबाती रायडू ने तीसरे विकेट के लिए 211 रनों की साझेदारी दिया और यह तीसरे विकेट के लिए पांचवीं सबसे बड़ी भारतीय साझेदारी हैं। सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के नाम वनडे में तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी देने का भारतीय  रिकॉर्ड है। इन दोनों बल्लेबाजों ने 1999 में ब्रिस्टल में केन्या के खिलाफ  नाबाद 237 रनों की पार्टनरशिप दी थी।
(13) भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी बार सीरीज में 200 रनों की साझेदारी दिया। अंबाती रायडू और रोहित शर्मा से पहले इसी सीरीज के पहले मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने गुवाहाटी में दूसरे विकेट के लिए 246 रनों की साझेदारी की थी । भारत में  पांचवी बार ऐसा हुआ जब किसी सीरीज या टूर्नामेंट में दो या उससेे अधिक बार 200 रनों की पार्टनरशिप हुई ।
(14) रोहित शर्मा की 162 रनों  की पारी 2018 में किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वोच्च स्कोर हैै। इससे पहले यह रिकॉर्ड  विराट कोहली के नाम था जिन्होंने इसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 160 रन बनाए थे। 2013 से रोहित शर्मा भारत की ओर से वनडे में सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाते आ रहे हैं।
(15) वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने नाबाद 54 रनों की पारी खेली।  यह होल्डर का सातवां ODI अर्धशतक था।
(16) वेस्टइंडीज की पूरी टीम मिलकर रोहित शर्मा के 162 रनों के स्कोर को बना नहीं पाई और 153 रनों में ढेर हो गई। रोहित शर्मा 2 बार ऐसा कारनामा करने वाले पहले बल्लेबाज बने। चौथी बार ऐसा हुआ है जब कोई टीम भारतीय बल्लेबाजों के व्यक्तिगत स्कोर को बना नहीं सकी।
सचिन तेंदुलकर (152) बनाम नामिबिया (130), पिटर्मैरिट्जबर्ग, 2003
युवराज (102 *) बनाम बांग्लादेश (76), ढाका, 2003
रोहित शर्मा (264) बनाम श्रीलंका (251), कोलकाता, 2014
रोहित शर्मा (162) बनाम विंडीज (153), मुंबई बीएस, 2018
जानिए, मैच समाप्ति के बाद दोनों टीमों के कप्तान और मैन ऑफ द मैच रोहित शर्मा ने क्या कहा-
विराट कोहली (कप्तान, भारत) : निश्चित तौर पर, खेल के तीनों विभागों में हमने बेहतरीन खेला। मैं खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं कि हमलोग लय में वापस आ गए हैं। विंडीज ने पिछले मैच में हराकर हमलोगों को दवाब में डाल दिया था लेकिन सभी जानते हैं कि हम दबाव से निकलना जानते हैं और इसका उदाहरण आपके सामने हैं। रायडू ने दोनों हाथों से मिले मौके का फायदा उठाया। हमें उसे (रायडू) वर्ल्ड कप के पहले तक और मौके देने चाहिए ताकि उनमें आत्मविश्वास आ सके। वे (रायडू) अपने खेल के प्रदर्शन से काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं और वे एक आत्मविश्वास से भरपूर खिलाड़ी है। वे खेल को भली-भांति समझते हैं इसलिए , हम लोग खुश हैं कि एक बुद्धिमान व्यक्ति चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहा है। खलील बहुत ही प्रतिभावान खिलाड़ी है। अगर पिच से थोड़ी-सी भी मदद मिलती है तो वह इससे बेहतर प्रदर्शन दे सकता है। सचमुच, आज उसने दोनों तरफ गेंद को स्विंग कराकर अपनी गेंदबाजी कौशल को दिखाया। उसने सही जगह पर गेंद को गिराई, ना ही अधिक शॉर्ट गेंदें फेंकी ना ही अधिक फुल लेंथ में। मुझे उसे विकेट लेते देखना बहुत अच्छा लगा। मैं बहुत खुश हूं।
मैन ऑफ द मैच  रोहित शर्मा (खिलाड़ी, भारत) : मैंने स्लिप में कुछ कैच पकड़े। यह देखकर विराट काफी हंस  रहे थे। मैच में कुछ कैच पकड़ना अच्छा लगा और कैचों को पकड़ना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि आपके पास हमेशा कैच नहीं आते हैं। खासकर, जब आप कुलदीप यादव की गेंद पर  स्लिप में खड़े हो तब और अधिक  मुश्किल होता है क्योंकि कुलदीप की हाथ को पढ़ना आसान नहीं हैै। जब मैं नेट में कुलदीप की गेंद को खेलता हूं तो उनकी गेंदों को समझना आसान होता है।  जब वह गुगली फेंकता है तो मैं खेलने के लिए तैयार रहता हूं। मैंने शुरुआत बहुत धीमी की। 2 विकेट जल्दी खोने के बाद मैंने सोचा कि एक बड़े साझेदारी की जरूरत है और यह खेल को बदलने वाली साझेदारी थी। हमने सभी चारों मैचों में कुछ  बड़ी साझेदारी दी जिसके कारण आज हम सीरीज में बने हुए हैं। एक बार मैदान में सेट होने के बाद रन बनाना आसान होता है जैसे मैंने और रायडू ने ने किया। हमने ज्यादा से ज्यादा समय क्रीज पर बिताने की सोची। हम दोनों के बीच की साझेदारी, मैच जीताने वाली साझेदारी थी। हमारे सभी गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की। वास्तव में, अपने गेंदबाजी के दमदार प्रदर्शन से मैं बहुत बहुत खुश हूं। स्पिन गेंदबाजों ने गेंदों को घुमाया और तेज गेंदबाजों ने गेंदों को स्विंग किया, इसी प्रकार सभी ने अपने काम को अच्छी तरह से निभाया। हम सभी ने इस मैच के लिए काफी तैयारी की थी और मैं जीत का श्रेय सभी खिलाड़ी को देना चाहता हूं।
जेसन होल्डर ( कप्तान ,वेस्टइंडीज): हम लोगों ने आज अच्छा नहीं खेला। हमने बहुत ही ज्यादा रन बनाने दे दिए। हमने अच्छी बल्लेबाजी भी नहीं किया और निश्चय ही यह बड़ी दुख की बात है। शुरुआत में हमने बहुत जल्दी विकेट खो दिए और खासकर, रनआउट मैच का टर्निंग प्वाइंट था। 370 का स्कोर बनाना बहुत मुश्किल होता है। आप रनआउट  नहीं होना चाहते हैं। जब आप इतने बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे होते तो आपको एक बड़ी साझेदारी की आवश्यकता होती है, जो हमें नहीं मिला। मैं लंबे समय से यह सुन रहा हूं कि मुझे बल्लेबाजी के लिए ऊपर आना चाहिए। टीम की संरचना किस प्रकार है हमें देखना पड़ता। जाहिर है मैं भी ऊपर बल्लेबाजी करना चाहता हूं। हो सकता है, आप अगले मैच में मुझे ऊपर बल्लेबाजी करते देख सकते हो।
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